महाराष्ट्र में बारिश का कहर, पालघर में 203 मिमी वर्षा; कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
दो की मौत, कई जिले जलमग्न; समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी, तटीय इलाकों में रेड अलर्ट

मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि कोंकण क्षेत्र की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमएसडीएमए) के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं।
सबसे अधिक 203.3 मिमी वर्षा पालघर जिले में दर्ज की गई। इसके अलावा ठाणे में 116.4 मिमी, रायगढ़ में 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी तथा पुणे में 70.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर पार कर चुकी हैं।
बारिश से जुड़े हादसों में सतारा में भूस्खलन और नंदुरबार में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, ठाणे और मुंबई में पेड़ गिरने की घटनाओं में लोग घायल हुए हैं।
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस) ने 8 जुलाई की रात तक महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट पर रेड अलर्ट जारी किया है। समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका के बीच मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।









