बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

देवसर शिव मंदिर ट्रस्ट पर उठे गंभीर सवाल, आय-व्यय, भूमि और निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग

श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक लेखा-जोखा व स्वतंत्र ऑडिट कराने की उठाई मांग

सिंगरौली/ देवसर स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रस्ट की आय-व्यय, दान-चढ़ावा, भूमि, भवन, बैंक खातों तथा वर्षों से कराए गए निर्माण कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे ट्रस्ट के संचालन की पारदर्शिता को लेकर लोगों में शंकाएं उत्पन्न हो रही हैं।

नागरिकों का कहना है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का दायित्व है कि वे ट्रस्ट से संबंधित आय-व्यय का विवरण, ऑडिट रिपोर्ट, बैंक खातों की जानकारी तथा प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े अभिलेख नियमों के अनुरूप सुरक्षित रखें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सार्वजनिक करें। उनका कहना है कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह नियमानुसार हो रहा है, तो सभी अभिलेख सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि ट्रस्ट की भूमि पर पूर्व में कराए गए तथा वर्तमान में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की प्रशासनिक एवं वैधानिक जांच कराई जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक स्वीकृतियां, स्वीकृत नक्शे, तकनीकी अनुमोदन एवं अन्य वैधानिक अनुमतियां प्राप्त की गई थीं या नहीं। यदि संबंधित अनुमतियां उपलब्ध हैं, तो उन्हें भी सार्वजनिक किया जाए।

इसके अलावा, नागरिकों ने ट्रस्ट की समस्त भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराने, भूमि के उपयोग की जांच करने तथा निर्माण कार्यों की लागत, भुगतान, ठेकों और संबंधित दस्तावेजों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग की है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध अभियान नहीं, बल्कि मंदिर की गरिमा, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने का विषय है। उनका कहना है कि शासन एवं प्रशासन पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्य सार्वजनिक करे और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।क्षेत्र में यह मांग भी जोर पकड़ रही है कि शिव मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन कर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया जाए। साथ ही भविष्य में ट्रस्ट की आय-व्यय, निर्माण कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक करने की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।

Author

Related Articles

Back to top button