अमृत नल-जल योजना के पानी पर उठे सवाल
मोरवा के कई वार्डों में चिपचिपा पानी आने से हड़कंप, जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर कराई जांच; नमूने लैब भेजे गए

सिंगरौली (मोरवा)। नगर निगम क्षेत्र के मोरवा के विभिन्न वार्डों में अमृत नल-जल योजना के तहत सप्लाई हो रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से नलों से चिपचिपा पानी आने की शिकायतों के बाद कई परिवारों ने पानी का उपयोग बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि पानी न तो पीने योग्य है और न ही नहाने, कपड़े धोने तथा अन्य घरेलू कार्यों के लिए उपयुक्त प्रतीत हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड क्रमांक-9 के पार्षद शेखर सिंह, वार्ड क्रमांक-8 के सिल्लू गुप्ता, वार्ड क्रमांक-5 के चंद्रिका वर्मा तथा वार्ड क्रमांक-4 के परमेश्वर पटेल बिजुल नदी स्थित जल स्रोत पहुंचे और जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम के सब इंजीनियर एवं अमृत नल-जल योजना के प्रभारी बी.एन. तिवारी को मौके पर बुलाकर पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित वार्डों में जल्द से जल्द स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
सब इंजीनियर बी.एन. तिवारी ने बताया कि पानी के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी खामी की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जलापूर्ति व्यवस्था में स्थायी सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो और लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।












