पुश्तैनी जमीन पर जबरन जुताई का आरोप, परिवार ने जताई जान-माल की आशंका
तहसील व जियावन पुलिस से निष्पक्ष जांच, पैमाइश और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

सिंगरौली/ जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम आमो में पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ही परिवार के कई सदस्यों ने थाना जियावन में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से उनकी स्वामित्व एवं कब्जे वाली कृषि भूमि पर जबरन जुताई कर कब्जा करने का प्रयास किया। पीड़ित पक्ष ने तहसील प्रशासन एवं पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार उमेश यादव, महेश यादव, छोटे लाल यादव, रामचरण यादव, जियालाल यादव, भारत यादव, सुखाती यादव, चंद्रिका प्रसाद यादव, राजकुमार यादव तथा ज्ञान सिंह सहित अन्य फरियादियों का आरोप है कि 12 एवं 13 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 5 बजे से 9 बजे के बीच आरोपी पक्ष के लोग लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी तथा हल-बैल लेकर खेत पहुंचे और कथित रूप से खसरा क्रमांक 426/1 से 426/5 एवं 422/1 से 422/5 की भूमि पर जबरन जुताई कर दी। विरोध करने पर कथित रूप से गंभीर परिणाम भुगतने तथा अन्य भूमि पर भी कब्जा करने की धमकी दी गई।
फरियादी महेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी, गोरखनाथ, प्रेमकुमार, जयश्री, मीना देवी, आशीष चतुर्वेदी, मनोज कुमार एवं निर्मला चतुर्वेदी ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जिसका विधिवत पारिवारिक बंटवारा हो चुका है और वर्षों से उनका कब्जा एवं खेती होती आ रही है। उनका दावा है कि आरोपी पक्ष का उक्त भूमि पर न तो कोई स्वामित्व है और न ही कभी कब्जा रहा है।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद शनिवार देर रात कुछ लोग उनके घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज करते रहे तथा बाहर निकलने पर जान से मारने जैसी धमकियां दीं। इससे पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है और किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई गई है।
आवेदन में यह भी बताया गया है कि संबंधित भूमि का सिविल वाद न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद कथित रूप से बलपूर्वक जुताई कर कानून हाथ में लेने का प्रयास किया गया, जिससे विवाद और गंभीर हो गया है।
पीड़ितों ने तहसील कार्यालय एवं जियावन पुलिस से राजस्व अभिलेखों के आधार पर मौके की निष्पक्ष जांच, भूमि की पैमाइश, वास्तविक कब्जे की स्थिति स्पष्ट करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है।
फिलहाल जियावन पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।













