ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला आयोजित
चार प्रकार के कचरे का पृथक्करण होगा अनिवार्य, बड़े अपशिष्ट उत्पादकों का होगा पंजीयन

सिंगरौली,/ कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देशानुसार एवं नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान के मार्गदर्शन में नगर निगम सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं हितधारकों के क्षमतावर्धन के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में एनसीएल, एनटीपीसी, महान एनर्जेन लिमिटेड, मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों, होटल एवं मैरिज गार्डन संचालकों, रहवासी कल्याण समितियों, बाजार समितियों तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त श्री आर.पी. बैस के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर आईईसी मैनेजर आशीष शुक्ला ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए नियमों के प्रभावी पालन, कचरा पृथक्करण, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली तथा केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यशाला में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत बड़े ठोस अपशिष्ट उत्पादकों का केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। ऐसे संस्थान जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, अथवा जिनका निर्मित क्षेत्रफल 2,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है, अथवा जहां प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक पानी का उपयोग होता है, उन्हें बड़े अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। ऐसे संस्थानों के लिए अपने परिसर में ही गीले कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित निष्पादन करना अनिवार्य होगा।
कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि अब केवल गीले एवं सूखे कचरे के स्थान पर चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण एवं पृथक संग्रहण अनिवार्य किया गया है। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सेनेटरी कचरा तथा विशेष देखभाल योग्य (स्पेशल केयर) कचरा शामिल है। इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना है।नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सतत मॉनिटरिंग के लिए संभाग, जिला, नगरीय निकाय, जोन एवं वार्ड स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों के माध्यम से केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन, नियमित रिपोर्टिंग, ऑडिटिंग तथा नियमों के अनुपालन की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यशाला में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों, रहवासी कल्याण समितियों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं नगर निगम के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नियमों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
कार्यशाला में स्वास्थ्य अधिकारी बालगोविंद चतुर्वेदी,सहायक विधि अधिकारी अक्षत उपाध्याय,कन्या महाविद्यालय से डॉ प्रतिभा एवं आकांक्षा तिवारी,स्वच्छता निरीक्षक मोरवा रामदरश पांडेय,विशाल सोनी,कैलाश शाह,राजीव सिंह एवं पवन बरोदे, मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रशांत निगम सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों, रहवासी कल्याण समितियों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नियमों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।












