एनटीपीसी विंध्याचल में हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन, राजभाषा के प्रभावी उपयोग पर दिया गया जोर
रसायन एवं सीएचपी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-टूल्स और राजभाषा नियमों का दिया गया प्रशिक्षण

सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल के राजभाषा अनुभाग द्वारा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और राजभाषा के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रसायन विभाग एवं सीएचपी विभाग में विभागीय हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
20 जुलाई 2026 को रसायन विभाग में आयोजित कार्यशाला में कर्मचारियों को राजभाषा नियम, 1976 के सभी 12 नियमों तथा राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही कार्यालयीन कार्यों को हिंदी में सरल और प्रभावी ढंग से करने के लिए ई-टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को लीला सॉफ्टवेयर और कंठस्थ 2.0 जैसे भारतीय भाषा आधारित डिजिटल टूल्स के उपयोग और उनके लाभों से भी अवगत कराया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष टी.एन. सीतारमण ने हिंदी को सरल, सहज और व्यवहारिक भाषा बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकतम उपयोग करने और राजभाषा संबंधी सभी संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इससे पूर्व 14 जुलाई को सीएचपी विभाग के वर्कशॉप सभागार में भी हिंदी कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) एम. सुरेश मणिकम, विभागाध्यक्ष (सीएचपी) शिवा प्रसाद एसपी सहित 30 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। अध्यक्षीय उद्बोधन में एम. सुरेश मणिकम ने हिंदी को जनप्रिय भाषा बताते हुए कार्यालयीन कार्यों में इसके व्यापक उपयोग और राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
कार्यशाला का संचालन सहायक राजभाषा अधिकारी कल्याण सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ई-ऑफिस में हिंदी टंकण, लीला पोर्टल, कंठस्थ सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों के उपयोग की जानकारी दी। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा राजभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।













