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मनरेगा के तालाब निर्माण में जेसीबी के उपयोग का आरोप, जांच के आदेश

चितरंगी के नवागांव में मजदूरों की जगह मशीन से काम कराने की शिकायत, कलेक्टर बोले- फंड और योजना की होगी जांच

सिंगरौली। जिले के चितरंगी विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवागांव में मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत लघु तालाब निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन के उपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस कार्य में मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहां मशीनों से खुदाई कराई जा रही है। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का मुख्य उद्देश्य गांव के मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन नवागांव में तालाब निर्माण कार्य में मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि कार्य किसी अन्य योजना या मद से कराया जा रहा है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले को लेकर कलेक्टर गौरव बेनल ने कहा कि सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि तालाब निर्माण कार्य किस योजना और किस फंड से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य किसी ऐसी योजना से कराया जा रहा है, जिसमें मशीनों का उपयोग अनुमन्य है तो अलग बात है, लेकिन यदि ग्राम पंचायत एजेंसी द्वारा मनरेगा के तहत कार्य कराया जा रहा है तो नियमों के अनुसार मशीन का उपयोग प्रतिबंधित है।कलेक्टर ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मजदूरों के रोजगार पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा योजना ग्रामीणों को रोजगार देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में यदि मशीनों से काम कराया जाएगा तो मजदूरों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए और दोषियों पर कार्रवाई करे।

जांच रिपोर्ट का इंतजार
अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तालाब निर्माण कार्य किस योजना के तहत स्वीकृत हुआ था और उसमें जेसीबी मशीन का उपयोग नियमों के अनुरूप था या नहीं। ग्रामीणों की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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