यूपी में दर्दनाक हादसा, घास काटकर लौट रही तीन मासूम बच्चियां उफनती नहर में डूबीं, 12 घंटे बाद मिले शव

कुशीनगर. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां दुबौली गांव के पास एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की गहरे पानी में डूबने से खौफनाक मौत हो गई. हंसती-खेलती ये बच्चियां खेत से घास काटकर अपने घर लौट रही थीं, तभी काल ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया. इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह तीनों बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जिसके बाद पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया है.
पैर फिसलने से हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह घटना स्थानीय थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के पास स्थित सिधरिया ड्रेन (नहर) की है. शुक्रवार की शाम गांव के रहने वाले शंभू की दो बेटियां, 10 वर्षीय सपना और 8 वर्षीय छोटी, रंजीत की 12 वर्षीय बेटी कुंचन के साथ खेत गई थीं. तीनों बच्चियां खेत से घास काटकर वापस घर की तरफ आ रही थीं. इसी दौरान बभनौली गांव के पास सिधरिया ड्रेन की पुलिया पर वे कुछ पल आराम करने के लिए रुकीं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वहां बैठते ही अचानक बच्चियों का संतुलन बिगड़ गया और वे तेज बहाव वाली नहर में जा गिरीं. पानी का बहाव इतना तेज था कि पलक झपकते ही तीनों लहरों में समा गईं.
आंखों के सामने डूबती रहीं बहनें, भाई ने दौड़कर दी खबर
मौत के इस तांडव के वक्त सपना का 10 साल का छोटा भाई कलुआ भी उनके साथ मौजूद था. अपनी बहनों को पानी की तेज धारा में बहता देख वह बुरी तरह घबरा गया. वह बदहवास हालत में रोते-चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागा और ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी दी. खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्थानीय गोताखोर और मछुआरे मौके की तरफ दौड़ पड़े और बच्चियों की तलाश शुरू कर दी.
रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की भनक लगते ही पुलिस-प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए. सदर एसडीएम राजीव निगम, तहसीलदार अभिषेक मिश्र, सीओ वीरेंद्र सिंह और सदर विधायक मनीष जायसवाल समेत तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए. रात के अंधेरे में बच्चियों को ढूंढने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमों को भी बुलाया गया. स्थानीय पुलिस, ग्रामीणों और एनडीआरएफ ने मिलकर रात करीब एक बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन अंधेरा और बहाव तेज होने के कारण कोई सुराग नहीं मिल सका.
गांव वालों ने खुद निकाले शव, पसरा मातम
शनिवार की सुबह एनडीआरएफ की टीम के दोबारा पहुंचने से पहले ही दर्जनों ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना खुद नहर में उतर गए. करीब एक घंटे की भारी खोजबीन के बाद आखिरकार तीनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाल लिए गए. एक ही परिवार से एक साथ तीन बेटियों के शव उठते देख मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है.













