राम मंदिर प्रशासन को मिलेगा नया नेतृत्व, पहले CEO के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। राम मंदिर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर की बढ़ती व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए CEO पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार CEO पद के लिए अंतिम साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 16 उम्मीदवारों में से अब तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। सर्च कमेटी यह पैनल ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा। संभावना जताई जा रही है कि 2 सितंबर को होने वाली बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा की जा सकती है।
CEO पद के लिए सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारी और अनुभवी पेशेवरों ने दावेदारी पेश की है। चयन के दौरान प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी समझ और बड़े संस्थान के संचालन की योग्यता को प्रमुख आधार बनाया गया है।
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। कमेटी ने उम्मीदवारों के अनुभव और मंदिर प्रशासन से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए साक्षात्कार लिए हैं।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नए CEO के सामने मंदिर व्यवस्था, सुरक्षा, सुविधाओं के विस्तार, आर्थिक प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। ट्रस्ट अब तीन नामों में से सबसे योग्य उम्मीदवार के चयन की तैयारी में है।













