एमपी में अजब-गजब सियासत: बिना पूछे कांग्रेसियों को बनाया भाजपा का मंडल अध्यक्ष, नेताओं ने कहा— ‘हम पक्के कांग्रेसी’

भोपाल/। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में भाजपा की संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर एक अनोखा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा अनुसूचित जाति (अजा) मोर्चा ने जिन दो नेताओं को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया, उन्होंने सूची जारी होते ही वीडियो जारी कर पद लेने से इनकार कर दिया और खुद को समर्पित कांग्रेसी बताया।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा अजा मोर्चा ने संगठनात्मक विस्तार के तहत अलीराजपुर मंडल अध्यक्ष के पद पर प्रदीप गोजा और नानपुर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष के पद पर सुजीत चौहान के नाम की घोषणा की थी।
‘हमसे पूछा तक नहीं गया…’
नियुक्ति सूची सार्वजनिक होते ही दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने उनकी सहमति लेना तो दूर, बैकग्राउंड तक नहीं जांचा। नेताओं का कहना था कि वे निष्ठावान कांग्रेसी हैं और भाजपा का झंडा उठाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
मामले के प्रमुख पहलू:
भाजपा की सफाई: अजा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोहन डोडवे का कहना है कि दोनों युवा पहले पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय दिखते थे और सूची निर्माण में भी उनकी सहभागिता थी। ऐसे में अब उनका रुख बदलना समझ से परे है।
कांग्रेस का तंज: घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के पास अब अपने कार्यकर्ताओं का टोटा पड़ गया है, जिसके चलते जबरन विपक्षी नेताओं को पद सौंपे जा रहे हैं।
संगठन में असहज स्थिति: बिना सहमति के की गई इस घोषणा के बाद से स्थानीय स्तर पर पार्टी असहज स्थिति में है, जबकि यह मामला पूरे प्रदेश में राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।













