जिला अस्पताल परिसर के बाहर मवेशियों का जमावड़ा, नगर निगम बेखबर

सिंगरौली। जिला अस्पताल सिंगरौली ट्रामा सेंटर के मुख्य गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर मवेशियों की लंबी कतार नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने और उन्हें गौशालाओं में रखने को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा लगातार दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल के बाहर का यह नजारा उन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सड़क पर बैठे और घूमते मवेशियों के कारण कभी भी दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो सकती है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ पहुंचता है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर मवेशियों के जमावड़े से आवागमन प्रभावित होने के साथ लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
शहर में गौशालाएं संचालित होने और मवेशियों के लिए व्यवस्थाएं किए जाने के बावजूद यदि बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं तो नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से किए जा रहे इंतजाम कितने प्रभावी हैं?
जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर यदि यह स्थिति बनी हुई है तो शहर के अन्य हिस्सों में आवारा मवेशियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सवाल यह है कि सड़क पर घूम रहे मवेशियों से होने वाली किसी दुर्घटना के बाद इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? नगर निगम प्रशासन कब जागेगा और सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए ठोस कार्रवाई कब की जाएगी?स्थानीय लोगों ने यहां के जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायक , महापौर, अध्यक्ष , आयुक्त , वार्ड के पार्षद , सामाजिक संगठन जिला प्रशासन से सवाल किया है कौन है इसके लिए जिम्मेदार !













