एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंची, शव कंधे पर ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण
विकास के दावों पर सवाल, निजी वाहन के लिए खर्च करने पड़े 2500 रुपये

सिंगरौली/सरई थाना क्षेत्र के गन्नई खाड़ीटोला बैरहा में स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने लाने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में घायल सूरजभान सिंह उर्फ छोटा सिंह (55) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि शव को घर तक लाने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसे में स्थानीय लोगों को शव कंधे पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि शव लाने के लिए परिजनों को निजी वाहन पर करीब 2500 रुपये भी खर्च करने पड़े।
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त की शाम सूरजभान सिंह की बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को गांव स्थित घर तक पहुंचाने में परिजनों और ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों द्वारा शव को कंधे पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस सुविधा और सड़क परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंभीर परिस्थितियों में भी एंबुलेंस जरूरतमंद परिवार के घर तक नहीं पहुंच पाती, तो दूरदराज के गांवों में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की वास्तविकता समझी जा सकती है। परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन वायरल वीडियो ने व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर गांवों तक बेहतर एंबुलेंस एवं परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की है।












