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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित

औद्योगिक कम्पनियां अनिवार्य रूप से कौशल विकास योजनाओं में कराएं पंजीयन:- गौरव बैनल

सिंगरौली, / कलेक्टरगौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित औद्योगिक कंपनियों तथा कौशल विकास संस्थानों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध कराने, औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षण तथा प्लेसमेंट की व्यवस्था सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने शासकीय आईटीआई में विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश एवं प्लेसमेंट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन व्यवसायों में औद्योगिक कंपनियों में प्लेसमेंट की मांग अधिक है, उनमें सीट बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि शासकीय संस्थानों में उपलब्ध सीटों के अनुरूप प्लेसमेंट का लक्ष्य निर्धारित कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।

कलेक्टर ने जिले में संचालित कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसी सभी औद्योगिक कंपनियां, जिनमें 15 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना एवं मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन कराएं। उन्होंने कंपनियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को अप्रेंटिसशिप एवं प्रशिक्षण से जोड़कर उनका कौशल विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला रोजगार अधिकारी को निर्देशित किया कि पिछले वर्ष अप्रेंटिसशिप योजनाओं के माध्यम से युवाओं को पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस वर्ष औद्योगिक कंपनियों से समन्वय कर अधिक से अधिक युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। कलेक्टर ने जिले में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों की कार्यप्रणाली को पुनर्गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक औद्योगिक कंपनी रोजगार मेले के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करे। नोडल अधिकारी आयोजन से पूर्व संबंधित कंपनियों एवं अधीनस्थ वेंडर कंपनियों को रोजगार मेले में सहभागिता के लिए सूचित करें।उन्होंने रोजगार कार्यालय एवं कौशल विकास विभाग को औद्योगिक कंपनियों के नोडल अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करने तथा रोजगार मेलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों की अप्रेंटिसशिप पूर्ण हो चुकी है, उनकी ट्रेडवार सूची तैयार कर संबंधित औद्योगिक कंपनियों एवं उनके अधीनस्थ वेंडर कंपनियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में आसानी हो।बैठक में जिले के शासकीय आईटीआई संस्थानों में वर्तमान में संचालित व्यवसायों के अतिरिक्त औद्योगिक कंपनियों की आवश्यकता के अनुरूप नए व्यवसाय प्रारंभ किए जाने के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से आवश्यक व्यवसाय एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए। कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक कंपनियों से समन्वय कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने युवाओं के कौशल के आधार पर स्किल मैपिंग कर रोजगार की मांग का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तैयार डेटाबेस के आधार पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए तथा युवाओं की रुचि एवं औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि बदलते समय के साथ परंपरागत आईटीआई प्रशिक्षण से आगे बढ़कर क्षेत्रीय उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिले में विशेष औद्योगिक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों में आधुनिक माइनिंग कौशल के साथ-साथ फायर सेफ्टी, केमिकल सेफ्टी, हैवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग सहित औद्योगिक मांग आधारित अन्य व्यवसायों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने कौशल विकास के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को इसके लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आगामी 15 दिवस में आयोजित होने वाली बैठक में सभी संबंधित विभाग एवं औद्योगिक कंपनियां अपनी-अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जगदीश गोमे, सहायक कलेक्टर सुश्री सौम्या मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र श्री नवीन कुशवाहा, प्राचार्य आईटीआई एवं प्रभारी रोजगार अधिकारी श्री ऋषभ सिंह, लेबर इंस्पेक्टर राहुल प्रधान सहित विभिन्न औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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