अतिवृष्टि एवं बाढ़ की आशंका को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट
पशुधन की सुरक्षा के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित
सिंगरौली, । जिले में अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पशुधन की सुरक्षा एवं आपदा की स्थिति में त्वरित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में जिला एवं सभी विकासखंड स्तरों पर आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिला स्तर पर पशुपालन कार्यालय में आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 9981614518 है। जिला स्तरीय दल का प्रभारी डॉ. अनामिका विश्वकर्मा (मो. 8272896263) को बनाया गया है। इसी प्रकार बैढ़न विकासखंड में डॉ. नेहा कर्वती (मो. 9424750468), देवसर में डॉ. अंकिता मिश्रा (मो. 9691939132) तथा चितरंगी में डॉ. एस.पी. प्रजापति (मो. 9589495120) को दल प्रमुख नियुक्त किया गया है। सभी दलों को सतर्क रहते हुए आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. प्रदीप कुमार मिश्रा ने सभी दलों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पशुओं का टीकाकरण कराने तथा आवश्यकता अनुसार विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित कर बीमार पशुओं का उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ अथवा डूब क्षेत्र में आने वाले पशुओं को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। पशु हानि की स्थिति में शव परीक्षण सहित आवश्यक औपचारिकताएं त्वरित रूप से पूर्ण की जाएंगी।
विभाग द्वारा पशुपालकों से अपील की गई है कि वे पशुओं के लिए चारा एवं भूसा सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उसे सड़ांध एवं फफूंद से बचाएं। पशुओं को दूषित पानी न पिलाएं और उनके रहने के स्थान पर स्वच्छता बनाए रखें। आपदा की सूचना प्राप्त होते ही राहत दल द्वारा मौके पर पहुंचकर आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आपदा के दौरान पशुधन की सुरक्षा एवं चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।










