कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित
कलेक्टर ने बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने के दिए निर्देश

पेयजल स्रोतों की नियमित सैंपलिंग एवं ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के हेतु पीएचई एवं नगर निगम को किया निर्देशित
सिंगरौली, / कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, सहकारिता सदस्यता अभियान, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान तथा सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित एवं जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करें। बाढ़ अथवा जलभराव की स्थिति निर्मित होने पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तत्काल कार्रवाई की जाए। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की सात दिवस के भीतर सैंपलिंग कराकर पानी का परीक्षण सुनिश्चित करें। साथ ही पेयजल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम की जा सके। नगर निगम आयुक्त को भी नगरीय क्षेत्र में पेयजल की नियमित डोर-टो-डोर टेप वाटर सैंपलिंग कर जांच कराने तथा अत्यधिक वर्षा के कारण पेयजल प्रदूषित न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर नागरिकों की स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। इन क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों का प्रसार न हो, इसके लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा दैनिक ओपीडी की जानकारी की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए। पशुओं में गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा दलों का निरंतर भ्रमण सुनिश्चित किया जाए तथा बाढ़ के कारण पशुहानि न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत स्वीकृति से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। नगरीय क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए नगर निगम की टीमों को लगातार भ्रमण एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। फुटपाथ पर अतिक्रमण कर सब्जी का विक्रय करने वाले विक्रेताओं को सब्जी मंडी में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए, ताकि यातायात एवं आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग के सदस्यता अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी स्तर पर भ्रमण कर अधिक से अधिक पात्र किसानों एवं नागरिकों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान केवल पंजीयन तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। किसानों को ई-वितरण प्रणाली से ई-टोकन जनरेट करने तथा एग्रीस्टैक के लाभों की व्यावहारिक जानकारी दी जाए। पैक्स में अधिक से अधिक किसानों को सदस्य बनाया जाए तथा रबी सीजन के लिए अग्रिम खाद उठाने हेतु किसानों को प्रेरित किया जाए।
कलेक्टर ने 11 सितम्बर को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायतों का निराकरण नहीं होने के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर श्री पीएस त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित सिंह बम्हरौलिया, एसडीएम श्री सुरेश जाधव, श्री सौरभ मिश्रा, श्री नंदन तिवारी, श्री देवेन्द्र द्विवेदी, नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।









