गडकरी के संन्यास की अटकलों पर लगा विराम, कार्यालय ने कहा- बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान के बाद उनके राजनीतिक संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। गडकरी के कार्यालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने और खुद पहले की तरह काम नहीं कर पाने संबंधी उनकी टिप्पणी का राजनीति से कोई संबंध नहीं था।
कार्यालय की ओर से बताया गया कि गडकरी ने यह बात लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में कही थी, जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय संचालित करता है। उनका उद्देश्य संस्था में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और जिम्मेदारियां सौंपने की बात करना था।
दरअसल, नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा था कि अब युवा पीढ़ी को आगे आकर जिम्मेदारियां संभालनी चाहिए। इसके बाद उनके बयान को राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जाने लगा था।
गडकरी कार्यालय ने कहा कि बयान को राजनीतिक पद, चुनावी राजनीति या सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के संकेत के रूप में देखना सही नहीं है। गडकरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।













