आरक्षण की मांग पर फिर गरजे जरांगे, अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
सरकार को दो टूक चेतावनी, बोले- लंबित मांगें नहीं मानीं तो सीएम आवास तक निकालेंगे मार्च

जालना (महाराष्ट्र)। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने शनिवार 29 अगस्त को अंतरवाली सराटी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। सुबह करीब 10 बजे अनशन शुरू करने से पहले जरांगे ने गांव के देवता के दर्शन किए और छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जरांगे ने इसे अपनी निर्णायक और आखिरी भूख हड़ताल बताते हुए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा समुदाय के प्रति द्वेष रखने का आरोप लगाया, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर सरकार में रहते हुए उनका समर्थन करने का आरोप लगाया।
जरांगे की मांग है कि मराठा आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मुद्दों का जल्द से जल्द ठोस और अंतिम समाधान किया जाए। उन्होंने जाति सत्यापन समिति को समाप्त करने की मांग भी उठाई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया तो वह समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करेंगे।
आंदोलन को देखते हुए जालना पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध रहे।
इस बीच कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने जरांगे के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण के अधिकार के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से कहा कि यदि आरक्षण देना है तो उसके लिए अलग व्यवस्था की जाए। अब जरांगे के आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।













