हिंडालको महान ने एस पाउंड की बाउंड्री टूटने की खबर को बताया भ्रामक
प्रबंधन का स्पष्टीकरण—टूटी बाउंड्री एस पाउंड की नहीं, प्लांट की बाहरी सुरक्षा सीमा का हिस्सा; अत्यधिक जल दबाव से हुआ नुकसान
सिंगरौली। हिंडालको महान प्रबंधन ने कुछ मीडिया माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एस पाउंड की बाउंड्री टूटने संबंधी समाचार एवं तस्वीरों को भ्रामक बताते हुए तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। प्रबंधन ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि किसी भी घटना से जुड़ी जानकारी प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूर करें।
हिंडालको महान प्रबंधन के अनुसार प्लांट में उत्पादित सल्फर (एस) को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रेन एवं ट्रकों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि एस पाउंड में सल्फर का भंडारण नहीं किया जाता, इसलिए एस पाउंड में सल्फर होने अथवा उसके बह जाने से संबंधित खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही बाउंड्री की तस्वीर एस पाउंड की बाउंड्री की नहीं है। यह हिंडालको महान की प्लांट सीमा एवं सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत आने वाली लगभग 30 किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा बाउंड्री का एक हिस्सा है।
प्रबंधन के मुताबिक अत्यधिक जल दबाव के कारण बाहरी सुरक्षा बाउंड्री के एक हिस्से को क्षति पहुंची है। हालांकि, इस घटना को एस पाउंड की बाउंड्री टूटने अथवा सल्फर के बहाव से जोड़कर प्रस्तुत करना तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना है।
हिंडालको महान प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की अपुष्ट जानकारी से आम लोगों में अनावश्यक भ्रम और चिंता उत्पन्न हो सकती है। इसलिए मीडिया संस्थानों एवं आमजन से आग्रह किया गया है कि किसी भी घटना से संबंधित खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले संबंधित पक्ष से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करें।प्रबंधन ने अपील की है कि भ्रामक अथवा अपुष्ट समाचारों और सोशल मीडिया पोस्ट के प्रसार से बचें तथा किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।











