पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर
12 जिलों में बाढ़ का खतरा, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत-बचाव अभियान तेज

पटना। बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। पटना, वैशाली, भोजपुर, बेगूसराय और भागलपुर समेत 12 नदी बेसिन जिलों में 10 लाख से अधिक लोग जलभराव और विस्थापन से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर पहुंच गया है, जो 2016 के 50.52 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से भी अधिक है। यहां गंगा खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। पंडारक, हथीदह, मुंगेर और भागलपुर में भी जलस्तर काफी ऊंचा है।
गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदियां भी कई स्थानों पर उफान पर हैं। राघोपुर समेत कई इलाकों में सड़कें और घर जलमग्न हैं। ग्रामीण नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं। 800 से अधिक मोटरबोट तैनात की गई हैं। राहत केंद्र, सामुदायिक रसोई और चिकित्सा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे।













