बिहार में नदियों का जलस्तर घटा, कई जगह अब भी खतरे के निशान से ऊपर
गंगा, कोसी, गंडक और बागमती समेत कई नदियों में स्थिति गंभीर, 14 जिलों के 40 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित

पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रमुख नदियों के जलस्तर में अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है। जल संसाधन विभाग के बुधवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार गंगा के पटना समेत कई प्रमुख स्थानों पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर नीचे आया है। हालांकि, गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा कई स्थानों पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर मंगलवार को 51.54 मीटर था, जो बुधवार सुबह घटकर 51.30 मीटर रह गया। यहां 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 0.85 मीटर ऊपर है। गांधीघाट पर जलस्तर 50.12 मीटर और हाथीदह में 43.31 मीटर दर्ज किया गया। भागलपुर में गंगा 34.60 मीटर पर स्थिर है और खतरे के निशान से 0.92 मीटर ऊपर बह रही है।
कहलगांव में गंगा का जलस्तर 32.77 से बढ़कर 32.81 मीटर हो गया। वहीं, कोसी नदी के बलतारा में जलस्तर 35.26 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.41 मीटर ऊपर है। कटिहार के कुरसेला में कोसी 31.55 मीटर पर बह रही है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती का जलस्तर 49.16 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.48 मीटर अधिक है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार वीरपुर बराज से कोसी का जलस्राव घटकर 1,41,740 घन फीट प्रति सेकंड, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक का 86,000 घन फीट प्रति सेकंड और इंद्रपुरी बराज से सोन का 80,085 घन फीट प्रति सेकंड रह गया है। तीनों स्थानों पर जलस्राव में गिरावट दर्ज की गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल समेत 14 जिलों के 84 प्रखंडों में 514 ग्राम पंचायतों के करीब 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।













