सत्य निकेतन हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों ने जर्जर इमारतों पर कार्रवाई की मांग की, नगर निगम अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में आक्रोश बना हुआ है। हादसे के बाद नगर निगम ने आसपास की एक अन्य इमारत को भी तोड़ने की कार्रवाई शुरू की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर और अवैध इमारतों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई होनी चाहिए थी।
हादसे से डरे एक छात्र ने कहा कि घटना के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। उसने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई हादसे के बाद शुरू हुई, जबकि संबंधित इमारत को लेकर करीब एक महीने पहले ही सूचना या नोटिस दिए जाने की बात सामने आई थी। छात्र ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कथित लापरवाही के कारण छात्रों की जान खतरे में पड़ती है। उसने नगर निगम आयुक्त के इस्तीफे और किराये पर आवास उपलब्ध कराने वाले अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एक स्थानीय महिला ने कहा कि इलाके की सभी अवैध और जर्जर इमारतों की जांच कर उन्हें सील या आवश्यकतानुसार ध्वस्त किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के बाद कई छात्र बेघर हो गए हैं और उन्हें भोजन सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
एक अन्य स्थानीय नागरिक ने आरोप लगाया कि इमारतों के निर्माण के समय नियमों की निगरानी नहीं होती, जबकि हादसे के बाद सर्वे और कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। उनका कहना था कि भवन सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रभावी तरीके से पालन कराया जाना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र की सभी जर्जर इमारतों का सर्वे कराने, असुरक्षित भवनों पर तत्काल कार्रवाई करने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।













