भीषण भूकंप आया तो सामने आएगी दिल्ली की इमारतों की हकीकत : किरण बेदी
सत्य निकेतन हादसे के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी ने अनधिकृत निर्माण और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और असुरक्षित इमारतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का विस्तार तेजी से हुआ है, लेकिन इसमें अनधिकृत निर्माण और भ्रष्टाचार की बड़ी भूमिका रही है।
बेदी ने कहा कि राजधानी में बड़ी संख्या में अनधिकृत कॉलोनियां और इमारतें मौजूद हैं। उनका कहना है कि सुरक्षित और सुनियोजित आवासीय विकास के लिए कानूनी व्यवस्था में कई बाधाएं हैं और नियामक तंत्र में भ्रष्टाचार की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कमजोर और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित इमारतों को रियल एस्टेट क्षेत्र में पैदा हुई विकृतियों का परिणाम बताया। बेदी ने कहा कि समस्या केवल छात्रों के लिए बने पीजी आवास तक सीमित नहीं है, बल्कि आवासीय भवनों समेत कई अन्य श्रेणियों की इमारतों में भी सुरक्षा का सवाल मौजूद है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने करीब दो दशक पहले हुए ललिता पार्क इमारत हादसे का जिक्र करते हुए चेताया कि यदि दिल्ली में बड़े स्तर का भूकंप आया तो असुरक्षित इमारतों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उन्होंने भवन सुरक्षा ऑडिट की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।
बेदी ने रियल एस्टेट से जुड़े राजनेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित अवैध कमाई और संपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में नगर निगम, पुलिस, राजस्व, जल बोर्ड और बिजली व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए। साथ ही रियल एस्टेट के नाम पर सक्रिय बिचौलियों और कथित ब्लैकमेलरों की संपत्तियों की भी जांच की जानी चाहिए।













