700 कैंपों में 52,500 बच्चों की होगी हृदय जांच, जरूरतमंद बच्चों की निःशुल्क होगी सर्जरी

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान, जांच और निःशुल्क उपचार के उद्देश्य से अपनी सीएसआर पहल ‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया है। इस चरण में सिंगरौली, सोनभद्र और आसपास के जिलों में 700 स्क्रीनिंग कैंप आयोजित कर 52,500 बच्चों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान हृदय रोग से पीड़ित जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ उपचार के साथ निःशुल्क कार्डियक सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
शुक्रवार को एनसीएल के सीएमडी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक मानव संसाधन मनीष कुमार, निदेशक तकनीकी आशुतोष द्विवेदी और मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल की उपस्थिति में इस पहल के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक सीएसआर राजीव रंजन और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से रवि किरण ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में सीएमएस एनसीएल विवेक खरे सहित अन्य अधिकारी और ‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ के स्थानीय लाभार्थी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर सीएमडी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने पहल की सराहना करते हुए इसे उद्देश्यपूर्ण खनन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान जरूरतमंद बच्चों तक समय पर पहुंचकर उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के साथ उनके परिवारों के लिए सहयोग और भरोसे का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीएल परिधीय क्षेत्रों में जनकल्याणकारी सीएसआर गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और आसपास के समुदायों का समग्र विकास कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
द्वितीय चरण की परियोजना पर करीब 9.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 24 माह तक चलने वाले इस अभियान में 700 स्क्रीनिंग कैंपों के माध्यम से 52,500 बच्चों की जांच की जाएगी। इसके अलावा 1,600 ईकोकार्डियोग्राम कराने का लक्ष्य रखा गया है। जांच में हृदय संबंधी बीमारी के संकेत मिलने पर बच्चों को विशेषज्ञ जांच, उपचार और सर्जरी के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पतालों में भेजा जाएगा।
स्क्रीनिंग कैंप स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। योजना का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय रहते उपचार शुरू कराना है। जरूरतमंद बच्चों की कार्डियक सर्जरी और इंटरवेंशन भी निःशुल्क कराया जाएगा।
पहल के तहत केवल बच्चों के उपचार तक ही सहायता सीमित नहीं रहेगी। लाभार्थी परिवारों को परामर्श, यात्रा, रहने की सुविधा और उपचार के बाद आवश्यक देखभाल सहित विभिन्न प्रकार का सहयोग निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज के दौरान अतिरिक्त खर्च का बोझ भी नहीं उठाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में ‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ के प्रथम चरण से लाभान्वित बच्चों और उनके परिजनों ने भी हिस्सा लिया। एनसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की ओर से उपचार प्राप्त कर चुके बच्चों को ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रदान किया गया। इस दौरान बच्चों और उनके परिजनों ने अभियान से मिले उपचार और सहयोग के अनुभव भी साझा किए।
अभियान के प्रथम चरण में भी बड़ी संख्या में बच्चों तक पहुंच बनाई गई थी। मार्च 2025 से अगस्त 2026 तक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सिंगरौली परिक्षेत्र में संचालित इस चरण में 345 स्क्रीनिंग कैंपों के जरिए 17,250 बच्चों की जांच का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 534 कैंप आयोजित कर 38,315 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 909 बच्चों के ईकोकार्डियोग्राम किए गए और 300 से अधिक बच्चों की कार्डियक सर्जरी या अन्य आवश्यक उपचार सफलतापूर्वक कराया गया।
प्रथम चरण की उपलब्धियों के बाद शुरू किया गया द्वितीय चरण अब और व्यापक स्तर पर बच्चों तक पहुंचेगा। 700 कैंपों और 52,500 बच्चों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के साथ यह पहल सिंगरौली, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान और उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के रूप में आगे बढ़ेगी।












