नेहरू चिकित्सालय में ओपीडी सेवाएं बंद, डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान
डॉक्टरों से कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में CMOAI ने एनसीएल प्रबंधन के सामने रखीं तीन मांगें

सिंगरौली। जयंत स्थित नेहरू चिकित्सालय में डॉक्टरों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। घटना के विरोध में डॉक्टरों ने नॉन-एसेंशियल ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं। इससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMOAI), एनएससी जयंत शाखा की ओर से एनसीएल प्रबंधन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
सीएमओएआई के पत्र के अनुसार 17 सितंबर 2026 की रात करीब 11 बजे नेहरू चिकित्सालय के कैजुअल्टी विभाग में कुछ लोगों द्वारा डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना को लेकर 19 सितंबर को बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉक्टरों और सीएमओएआई प्रतिनिधियों ने मामले पर चर्चा करते हुए प्रबंधन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं।
पहली मांग में यूनियन के यूनिट लेवल सेक्रेटरी आरके पांडेय को पद से हटाने अथवा एनएससी जयंत से स्थानांतरित करने की मांग की गई है। दूसरी मांग संबंधित यूनियन पदाधिकारियों या प्रतिनिधियों द्वारा डॉक्टरों से कथित अभद्र व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लिखित माफीनामा देने की है।
तीसरी मांग में कहा गया है कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। पत्र में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और लैंगिक भेदभाव से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है।
सीएमओएआई ने प्रबंधन को भेजे पत्र में चेतावनी दी थी कि 48 घंटे के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में डॉक्टर नॉन-एसेंशियल ओपीडी सेवाएं बंद या वापस ले सकते हैं। इसके बाद ओपीडी सेवाओं के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
फिलहाल मामले में एनसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अस्पताल में ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने से इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।












