ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार के जांच में टालमटोल का जिम्मेदार कौन…

ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार के जांच में टालमटोल का जिम्मेदार कौन…
क्या मजबूर हैं सीईओ या जांच अधिकारी कर रहे उन्हें गुमराह…
संजय सिंह मझौली सीधी
जनपद क्षेत्र मझौली अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर व्याप्त है जिसको लेकर एक तरफ जहां ग्रामीण प्रमाण के साथ शिकायत कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ मीडिया द्वारा तथ्यात्मक खबरें प्रकाशित की जा रही हैं बावजूद इसके उपरोक्त मामलों के जांच में लगातार हीला हवाली हो रही है जिससे आम लोगों के मन में सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर जांच में हीला हवाली का जिम्मेदार कौन हैं वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सीईओ मजबूर हैं या की जांच अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं?
सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायत ताला में किए गए भ्रष्टाचार को लेकर निर्वाचित पंच एवं ग्रामीण जनपद कार्यालय में मुख्य कार्यपाली अधिकारी के समक्ष प्रमाण के साथ शिकायत किए थे लेकिन जांच न होने पर कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की गई थी लेकिन शिकायत में न तो बिंदुवार जांच की गई और ना ही कार्यवाही की गई।
कई समाचार पत्रों में ग्राम पंचायत जमुआ नंबर 02, खंतरा, परसिली,खजुरिहा,छुही की खबर प्रकाशित की गई थी लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी जांच नहीं हुई जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बार-बार कहा जा रहा है कि जांच टीम गठित की गई है ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या जांच अधिकारी सौदेबाजी में मामले को दबाना चाहते हैं और सीईओ को गुमराह कर रहे हैं या की आदेश महज दिखावा के लिए किया जा रहा है।
ग्रामीणों की उम्मीद पर खरे नही उतर पा रहे प्रभारी सी ई ओ
ग्रामीणों के मुताबिक जनपद में प्रभारी सीईओ धनंजय मिश्रा जो जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि उनके आने से ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और सुशासन की झलक देखने को मिलेगी लेकिन इसके विपरीत भ्रष्टाचार चरम पर है सरपंच,सचिव एवं रोजगार सहायक निरंकुश एवं तानाशाह बने हुए हैं जिन्हें ना तो कानून का डर है और ना ही अधिकारियों का।अगर यह स्थिति निर्मित है तो जिम्मेदार अधिकारी के कार्य प्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इनका कहना
मेरे द्वारा ग्रामीणों के साथ संयुक्त रूप से ग्राम पंचायत ताला की शिकायत प्रमाण के साथ कलेक्टर जनसुनवाई, जनपद कार्यालय मझौली में की गई थी लेकिन कोई जांच नहीं की गई जिस कारण मुझे उच्च न्यायालय में न्याय के लिए जाना पड़ा।अगर शिकायत में यहीं जांच हो जाती तो व्यवस्था में सुधार भी होता और भ्रष्टाचार में अंकुश भी लगता।
भगवन्त तिवारी पंच
हमारे ग्राम पंचायत में मनमानी का आलम है ना तो पंचों को कोई जानकारी दी जाती है और ना ही जरूरत समझी जाती है बराबर उपेक्षा हो रही है समाचार पत्रों में खबर भी प्रकाशित की गई थी लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई है जबकि अखबारों में प्रकाशित खबर का संज्ञान जनपद के सीईओ को लेना चाहिए।
राजमणि द्विवेदी पंच ग्राम पंचायत जमुना नंबर 02
शिकायतों में जांच के लिए निर्देशित करना अधिकारियों का काम है लेकिन हमारे पास सिर्फ एक काम नहीं रहता है जब समय मिलेगा तो जांच की जाएगी।
रोशन लाल गुप्ता खंड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत मझौली
शिकायतों का संज्ञान लिया जाता है एवं जांच के लिए निर्देशित किया जाता है। जिन्हें जांच की जिम्मेदारी जीत दी जाती है उन्हें जांच करनी चाहिए।इसे गंभीरता से लिया जाएगा और दो-तीन दिन में सभी जांच करा ली जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही भी होगी।
धनंजय मिश्रा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी एवं प्रभारी सीईओ मझौली













