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दिल्ली-एनसीआर में यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दो मामलों का लिया स्वत: संज्ञान

दिल्ली-एनसीआर में यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दो मामलों का लिया स्वत: संज्ञान

 

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में सामने आए यौन अपराधों के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया। इनमें दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास एक पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और ग्रेटर नोएडा-दिल्ली क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है।

 

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने एनसीआर में बार-बार सामने आ रही यौन अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई। पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज करने और सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

 

पीठ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सामने आई हालिया घटनाओं को देखते हुए सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार कानून लागू करने वाली एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सम्मान और हिंसा के डर के बिना जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

अदालत ने कहा कि अपर्याप्त रोशनी, निगरानी और गश्त जैसी प्रशासनिक कमियों के कारण पार्क, सड़क, बस, मेट्रो स्टेशन, सबवे और फुटब्रिज जैसी सार्वजनिक जगहों को ऐसे क्षेत्र नहीं बनने दिया जा सकता, जहां अपराध का खतरा बढ़ जाए। कोर्ट ने अधिकारियों से ठोस कदम उठाने और अपराध रोकने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा कमजोर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वालों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।

 

कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म

 

हाल की एक घटना में दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास एक पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार, लड़की 22 सितंबर को अपने एक पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों पास के एक पार्क में चले गए। आरोप है कि तीन लोग वहां पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दोनों को धमकाया तथा उनके मोबाइल फोन छीन लिए।

 

पीड़िता ने आरोप लगाया कि दो आरोपी उसे पार्क के सुनसान हिस्से में ले गए, जहां उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आसिफ नाम के आरोपी ने उसे बंदूक दिखाकर धमकाया। पीसीआर कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बाद की कार्रवाई के दौरान आसिफ को पकड़ा गया और उसे गोली लगने की बात सामने आई। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

 

चलती स्लीपर बस में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न

 

सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान में ग्रेटर नोएडा-दिल्ली क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी शामिल है। अगस्त में सामने आए इस मामले में मैनपुरी की रहने वाली लड़की नोएडा आई थी। आरोप है कि उसका बस स्टॉप छूट गया, जिसके बाद वह एक स्लीपर बस में सवार हो गई।

 

आरोप के मुताबिक, बस के चालक और परिचालक ने उसके साथ कथित यौन उत्पीड़न किया और बाद में उसे दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया।

 

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त तथा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया था। आयोग ने जांच की स्थिति और पीड़िता को दिए गए मुआवजे, यदि कोई हो, की जानकारी मांगी थी।

 

पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है। स्लीपर बस को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। जांच टीम ने बस की आवाजाही और घटना के क्रम का पता लगाने के लिए मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई है।

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