सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से चार मजदूरों की मौत, बचाने पहुंचे दो फायरकर्मी भी बेहोश

शिलांग। मेघालय के साउथ गारो हिल्स जिले के रंगडोकराम गांव में जमीन के नीचे बने सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से असम के चार निर्माण मजदूरों की मौत हो गई। हादसा सेबेस्टियन सीएच संगमा के घर पर हुआ, जहां मजदूर नए बने सेप्टिक टैंक से जुड़े निर्माण कार्य में जुटे थे।
जानकारी के अनुसार, दो मजदूरों ने सेप्टिक टैंक का ढक्कन खोलने की कोशिश की। ढक्कन खोलते ही अंदर जमा गैस के संपर्क में आने से दोनों अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए दो अन्य मजदूर टैंक के पास पहुंचे, लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। जमीन के नीचे बने टैंक तक सीधे पहुंचना मुश्किल था। बचाव दल को मजदूरों तक पहुंचने के लिए टैंक के आसपास की मिट्टी खोदनी पड़ी। बचाव अभियान के दौरान दो फायरकर्मी भी जहरीली गैस के संपर्क में आने से बेहोश हो गए। दोनों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दी गई।
बचाव दल ने चारों मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान मोफिदुर रहमान (34), अजियर रहमान (41), इस्माइल हुसैन (20) और रकीब हुसैन (22) के रूप में हुई है। चारों असम के दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले के रहने वाले थे।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण जहरीली गैसें जमा हो गई थीं। ऐसे बंद स्थानों में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी गैसें जमा हो सकती हैं, जो अधिक मात्रा में जानलेवा साबित हो सकती हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक गैस की प्रकृति और मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की जांच जारी है। हादसे ने बिना पर्याप्त वेंटिलेशन, गैस जांच उपकरण और सुरक्षा इंतजामों के भूमिगत या बंद स्थानों में प्रवेश करने के गंभीर खतरे को भी सामने ला दिया है।













