बंधा कोल ब्लॉक परियोजना में विस्थापितों के पुनर्वास की समीक्षा
आरएनआर कॉलोनियों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

सिंगरौली। कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में बंधा कोल ब्लॉक एवं टीएचडीसी कोल माइंस परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी भूमि अधिग्रहण, विस्थापित परिवारों की संख्या, पुनर्वास नीति के तहत दिए जा रहे लाभ तथा आरएनआर कॉलोनियों में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।
पात्र परिवारों को समय पर मिले लाभ
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पुनर्वास नीति के अनुसार पात्र सभी विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों को उनके देय लाभ और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। परिवारों का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार वर्गीकरण कर नीति के अनुरूप लाभ दिया जाए। उन्होंने देय भत्तों का भुगतान अवार्ड दिनांक से सुनिश्चित करने तथा भू-अर्जन और पुनर्वास से जुड़े लंबित प्रकरणों का संबंधित विभाग एवं परियोजना प्रबंधन के समन्वय से शीघ्र निराकरण करने को कहा।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
आरएनआर कॉलोनियों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। विस्थापित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रवृत्ति और बेहतर शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया। विद्यालयों में खेल मैदान, बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। कॉलोनी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
पेयजल व्यवस्था की होगी जांच
कॉलोनियों में विद्यालय, आंगनवाड़ी, सामुदायिक भवन, हाट बाजार, सार्वजनिक शौचालय, उचित मूल्य दुकान, सड़क, नाली, विद्युत और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पक्की नालियों से जल निकासी तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपलब्ध पानी की गुणवत्ता की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। स्थायी पेयजल व्यवस्था के लिए जल निगम के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार
कलेक्टर ने कंपनियों को स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अधीनस्थ ठेकेदारों का एनएपीएस एवं एनएटीएस में पंजीयन कराने को भी कहा गया। प्रभावित क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविर लगाकर पात्र प्रकरणों का मौके पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर पी.एस. त्रिपाठी, एसडीएम देवसर सुशीर श्रीकृष्ण श्रीराम, तहसीलदार दिपेन्द्र सिंह तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी एवं परियोजना प्रतिनिधि उपस्थित रहे।












