अंतरजातीय विवाह के बाद पति की मौत, विधवा ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और बेदखली का लगाया आरोप
कलेक्टर को शिकायत देकर सुरक्षा, घर में रहने और पति की जमीन पर नामांतरण की मांग

सिंगरौली। अंतरजातीय विवाह के बाद अनुसूचित जाति की एक महिला ने पति की मृत्यु के पश्चात ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और घर से बेदखल करने का आरोप लगाया है। महिला ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग उसे जातिसूचक गालियां देते हैं, मारपीट करते हैं और उसके पति के हिस्से की जमीन उसके नाम नहीं होने दे रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार, उसने 23 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक तथा 29 सितंबर को कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। महिला का दावा है कि शिकायत के बावजूद अब तक पुलिस में प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। उसके मुताबिक कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े और बाद में उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।
महिला ने बताया कि वह फिलहाल घर के बाहर रहने को मजबूर है। उसका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने घर के बाथरूम में भी ताला लगा दिया है, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई है।
पीड़िता ने प्रशासन से अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उसने घर में दोबारा रहने की व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा और पति के हिस्से की भूमि पर नियमानुसार नामांतरण कराने की मांग भी की है।
महिला की शिकायत ने अंतरजातीय विवाह के बाद सामाजिक स्वीकार्यता और वैवाहिक परिवार में महिला के अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं।













