पुराने सर्किल रेट पर किसानों की जमीन ली तो होगा बड़ा आंदोलन: राकेश टिकैत
नवादा की किसान महापंचायत में बिहार सरकार को चेतावनी, सर्किल रेट दोगुना कर चार गुना मुआवजे की मांग
पटना। बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा गरमाने लगा है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को नवादा जिले के नारदीगंज स्थित मधुवन-मोतनाजे में आयोजित किसान महापंचायत में बिहार सरकार को चेतावनी दी कि पुराने सर्किल रेट के आधार पर किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की कोशिश हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
टिकैत ने कहा कि बिहार में लंबे समय से सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में पुराने रेट पर जमीन का मूल्य तय करना किसानों के साथ न्याय नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि पहले सर्किल रेट को दोगुना किया जाए और इसके बाद बढ़े हुए सर्किल रेट अथवा बाजार भाव, जो भी अधिक हो, उसके चार गुना के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास परियोजनाओं की कीमत केवल किसानों की जमीन से नहीं वसूली जानी चाहिए। जिस जमीन पर किसान पीढ़ियों से खेती कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा है, उसे लेने पर वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
खेती को घाटे का सौदा बताने पर सवाल
टिकैत ने आरोप लगाया कि किसानों को लगातार यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि खेती अब लाभकारी नहीं रही और जमीन बेचकर शहर चले जाना बेहतर है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर बड़े शहरों और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े लोग ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीद रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को होगा, जिनकी आजीविका खेती पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि किसान के लिए जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं बल्कि परिवार की आजीविका और भविष्य की सुरक्षा है। जमीन बिकने के बाद स्थायी आय का साधन खत्म हो सकता है। इसलिए विकास परियोजनाओं में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फसलों के उचित दाम का भी उठाया मुद्दा
किसान महापंचायत में टिकैत ने बिहार में किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि धान और मक्का सहित कई फसलों की खरीद किसानों से कम कीमत पर हो रही है और न्यूनतम समर्थन मूल्य का पर्याप्त लाभ नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से गांवों की वास्तविक स्थिति समझने की अपील करते हुए कहा कि खेती को घाटे का सौदा बताने के बजाय किसानों को उपज का उचित मूल्य और जमीन का सही दाम दिलाना जरूरी है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
टिकैत ने किसानों से सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण के मामले में सतर्क रहने और अपनी मांगों को संगठित तरीके से सरकार के सामने रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक जमीन की कीमत और मुआवजे की शर्तें स्पष्ट नहीं होतीं, तब तक किसान अपने हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करें।
उन्होंने किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया और महिलाओं को ट्रैक्टर चलाने का प्रशिक्षण देने की बात कही। टिकैत ने किसानों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि जमीन और किसान अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
नवादा की महापंचायत में टिकैत के तेवर से संकेत है कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकता है। अब नजर बिहार सरकार के रुख और जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित मुआवजा व्यवस्था पर रहेगी।













