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लाइसेंस की आड़ में कथित शराब पैकारी का खेल! कचनी से खुटार तक उठे सवाल, वायरल वीडियो के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

महीने के कथित लेन-देन को लेकर भी चर्चाएं, आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल; निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी सच्चाई

सिंगरौली। जिले में शराब की कथित अवैध बिक्री और पैकारी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। कचनी से खुटार तक शराब दुकानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि शराब दुकान के लाइसेंस की आड़ में कथित तौर पर घरों, दुकानों और रिहायशी इलाकों तक शराब पहुंचाई जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अब आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।मामले में केशरी जी नाम से पहचाने जा रहे एक शराब ठेकेदार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई गई गतिविधियों और संबंधित व्यक्ति की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जा रही है।

वीडियो वायरल होने के बाद जांच कहां तक पहुंची?
शराब की कथित पैकारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? क्या वायरल वीडियो की जांच कराई गई है? क्या संबंधित शराब दुकानों के रिकॉर्ड, बिक्री और वितरण व्यवस्था की पड़ताल की गई है? इन सवालों पर आबकारी विभाग की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

यदि वीडियो में दिखाई गई गतिविधियां सही पाई जाती हैं और शराब का वितरण निर्धारित नियमों के विरुद्ध हुआ है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोपों में तथ्य नहीं मिलते हैं, तो जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि अफवाहों और वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर सामने आ सके।

‘महीने की एंट्री’ के आरोपों की भी हो जांच
इस मामले में स्थानीय स्तर पर कथित मासिक लेन-देन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों को सत्य मानने के बजाय उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। आबकारी विभाग को चाहिए कि वह शिकायतों, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल करे।

आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की जवाबदेही पर नजर
शराब की बिक्री और वितरण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में कचनी से खुटार तक सामने आ रहे आरोपों पर विभाग की प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना यह है कि वायरल वीडियो और उठ रहे सवालों के बाद आबकारी विभाग तथा जिला प्रशासन जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक करते हैं या नहीं। फिलहाल पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, आधिकारिक स्पष्टीकरण और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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