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प्रभारी कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय लघु संवर्धन बोर्ड की बैठक आयोजित

कौशल विकास एवं एमएसएमई योजनाओं से क्षेत्रीय सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए नवीन औद्योगिक क्षेत्र किए जाएंगे विकसित

सिंगरौली, । प्रभारी कलेक्टर श्री संघप्रिय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय लघु संवर्धन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने, औद्योगिक विकास को गति देने तथा उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सुगम बनाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा विभाग के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना तथा मध्यप्रदेश विकास नीति के अंतर्गत एमएसएमई प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी गई। साथ ही बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के लिए विशेष सहायता, निवेश आधारित सहायता एवं निर्यात हस्तांतरण सहायता से संबंधित प्रावधानों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले की ग्राम पंचायत उर्ती अंतर्गत ग्राम इकपई में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में एमएसएमई के लिए नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वर्तमान में एमपीआईडीसी के माध्यम से भी जिले में औद्योगिक क्षेत्र संचालित किया जा रहा है।

प्रभारी कलेक्टर श्री संघप्रिय ने समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों तथा उद्योग स्थापना में आ रही समस्याओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मोरवा विस्थापन के दौरान स्थानांतरित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को एमपीआईडीसी एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के समन्वय से उपयुक्त औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित कराने की कार्यवाही की जाए। साथ ही पात्र औद्योगिक इकाइयों को एमएसएमई योजनाओं के अंतर्गत देय लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्रीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने के लिए स्किल गैप असेसमेंट कराने तथा उसके आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय युवाओं एवं श्रमिकों के कौशल विकास के साथ रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकेगा। प्रभारी कलेक्टर ने एमएसएमई योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में समिति के सदस्यों ने औद्योगिक इकाइयों के संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की। सदस्यों ने औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि आवागमन सुचारु रहे और यातायात संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों की इनपुट लागत कम करने के उद्देश्य से उन्हें न्यूनतम दरों पर विद्युत उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी रखी गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री पी.एस. त्रिपाठी, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र श्री नवीन कुशवाहा, महाप्रबंधक एमपीआईडीसी रीवा श्री एन.के. शुक्ला, श्रम अधिकारी श्री डी.पी. वाजपेयी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी श्री रतिपाल ठाकुर, उपायुक्त जीएसटी सुश्री श्वेता मिश्रा, श्री एस.डी. सिंह, श्री सुरेश गिरी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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