इंदौर में संघ की अखिल भारतीय बैठक शुरू, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और पंच परिवर्तन पर होगा मंथन

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सोमवार सुबह इंदौर के डेली कॉलेज स्थित संत रविदास महाराज सभागार में शुरू हुई। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर बैठक का शुभारंभ किया। 4 नवंबर की शाम तक चलने वाली इस बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा, पंच परिवर्तन के क्रियान्वयन, शाखाओं के विस्तार और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें संघ के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह एवं प्रचारक शामिल हैं। इसके अलावा संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा
बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा कर उनके उद्देश्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा होगी। पंच परिवर्तन के विषयों को व्यवहार में उतारने और उनके निरंतर अनुसरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी विशेष जोर रहेगा। साथ ही शाखाओं के विस्तार, नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने और मौजूदा शाखाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन होगा।
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। बैठक के दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से 3 महत्वपूर्ण वक्तव्य जारी किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत राजनारायण बोस की 200वीं जयंती, शुद्धि आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100 वर्ष तथा ओडिशा के कंधमाल में जनजातीय समाज के बीच कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्म शताब्दी वर्ष से जुड़े विषय शामिल होंगे।













