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बंधा कोल माइन्स के विस्थापित परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

आरएनआर कॉलोनी में विद्यालय, आंगनवाड़ी, बिजली, सड़क एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें – कलेक्टर

भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने एसडीएम के नेतृत्व में डेडिकेटेड सेल गठित करने के निर्देश

सिंगरौली, / कलेक्टर श्री अंकित अस्थाना की अध्यक्षता में बंधा कोल माइन्स परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, आरएनआर कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, भू-अर्जन की प्रक्रिया तथा मुआवजा वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुनर्वास से जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आरएनआर कॉलोनी में विस्थापित परिवारों के सुचारु एवं सम्मानजनक जीवनयापन के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। कॉलोनी में विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, विद्युत व्यवस्था, आवागमन के लिए बेहतर सड़क तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल परिवारों को आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वहां निवासरत परिवारों को शिक्षा, पेयजल, बिजली एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का लाभ भी सहजता से मिलना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग एवं कंपनी आपसी समन्वय से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने आरएनआर कॉलोनी में निर्माणाधीन पानी की टंकी के वाटर हेड टैंक का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पानी की टंकी का कार्य पूर्ण होने के पश्चात विस्थापित परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार कॉलोनी में सामुदायिक गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए उपलब्ध सामुदायिक भवन के क्षेत्रफल को कम पाए जाने पर कलेक्टर ने उसका विस्तार करने अथवा आवश्यकता के अनुरूप एक नवीन सामुदायिक भवन का निर्माण कराने के निर्देश दिए, ताकि कॉलोनी के रहवासियों को सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजन में पर्याप्त सुविधा मिल सके। भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नेतृत्व में एक डेडिकेटेड सेल का गठन किया जाए। इस सेल में संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि भू-अर्जन एवं पुनर्वास से जुड़े प्रकरणों का निराकरण आपसी समन्वय से किया जा सके।

 

उन्होंने निर्देशित किया कि गठित दल प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों से संपर्क कर उनके आवश्यक दस्तावेजों का संकलन एवं परीक्षण सुनिश्चित करे। दस्तावेजों की उपलब्धता एवं सत्यापन में आने वाली कठिनाइयों का भी प्राथमिकता से निराकरण किया जाए, जिससे पात्र परिवारों के मुआवजा संबंधी प्रकरण लंबित न रहें। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन एवं प्रावधानों के अनुरूप पात्र विस्थापित परिवारों को मुआवजा राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। भू-अर्जन, पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखते हुए प्रभावित परिवारों को समय पर लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री पी.एस. त्रिपाठी, एसडीएम देवसर श्री शिशिर श्रीकृष्ण श्रीराम, एसडीएम सिंगरौली श्री सुरेश जाधव सहित संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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