ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए कार्यशाला, उत्कृष्ट काम करने वाली 6 पंचायतें सम्मानित

सिंगरौली। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अटल सामुदायिक भवन, बेलौंजी में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघप्रिय, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में 3 हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और सहायक सचिव शामिल हुए। इस दौरान पंचायतों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से स्वयं की आय (ओएसआर) बढ़ाने के तरीके बताए गए।
कार्यशाला में भवन निर्माण अनुज्ञा एवं शुल्क, संपत्ति कर, प्रकाश कर, वृत्तिकर, निजी शौचालय कर, बाजार फीस, पशु पंजीयन फीस, जल प्रभार और स्वच्छता प्रभार सहित विभिन्न करों एवं शुल्कों के अधिरोपण, निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही मध्यप्रदेश पंचायतदर्पण पोर्टल के माध्यम से कर एवं फीस के बिल तैयार करने और भुगतान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संघप्रिय ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में सभी प्रकार के करों और फीस का भुगतान पंचायतदर्पण पोर्टल के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि भुगतान का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज हो सके। उन्होंने पंचायतों के लंबित बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने, अनुपयोगी विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कराने, आधारभूत जानकारी का संधारण करने तथा ग्राम पंचायत और ग्राम जंक्शन में सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। क्रय संबंधी कार्यवाही भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करने को कहा गया।
कार्यशाला में सरपंचों और सचिवों को एसआईपीआरआई अनुश्रवण मॉड्यूल की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से निर्माण कार्यों की आरएफआई दर्ज करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।
6 ग्राम पंचायतों को मिला सम्मान
कार्यशाला के दौरान जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 6 ग्राम पंचायतों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत सहुआर और ओडगड़ी, जनपद पंचायत चितरंगी की ग्राम पंचायत क्योंटली और सुकहर तथा जनपद पंचायत बैढ़न की ग्राम पंचायत खम्हरिया और सखौंहा शामिल हैं। इन पंचायतों के सरपंच, सचिव और उनकी टीम को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, महाप्रबंधक जल निगम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए), कार्यक्रम अधिकारी (पीओ), वीबी-ग्रामजी, जिला समन्वयक (डीसी), स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य पंचायतों को अपने आय स्रोत विकसित करने, स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और प्राप्त राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा बुनियादी सुविधाओं के संचालन एवं रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए सक्षम करना रहा।













