व्रतियों ने अस्ताचलगामी भास्कर को दिया अर्घ्य

पोल खोल सिंगरौली
लोक आस्था के महापर्व चार दिनी सूर्यषष्ठी अनुष्ठान का अहम पड़ाव सोमवार को था। बीते दिन से ही बिना अन्न-जल के व्रत रखने वाली श्रद्धालु महिलाओं ने शाम को घाटों व तालाबों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया
इस दौरान कई पुरुष श्रद्धालुओं ने भी निर्जला व्रत रखा था। व्रती महिलाओं ने पहला अर्घ्य अपने पति या पुत्र से लिया। नदी-तालाब में दीया प्रवाहित कर भगवान सूर्यदेव व छठी मइया को प्रणाम निवेदित किया। सड़कों से लेकर घाटों तक छठ के पारम्परिक गीतों से क्षेत्र गुलजार रहा।
बादलों और हल्की बारिश के बीच दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। तमाम श्रद्धालु नंगे पाव ही माथे पर दउरा लेकर चल रहे थे। घाट पर जाने के लिए छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। माथे पर दउरा लिए पुरूष सदस्य के साथ महिलाएं पारम्परिक गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं।
वहां पहले से तैयार वेदी पर विधि-विधान से पूजन किया और फिर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। दीपदान कर भगवान भास्कर से अपने व परिजनों के कुशलता की कामना की। दीयों व विद्युत झालर बत्तियों से नदी व तालबों सहित घाट जगमगा उठे।
मोरवा में मढौली छठ घाट, रेलवे स्टेशन के समीप बने घाट, झिगुरदा घाट, एनसीएल कॉलोनी स्थित घाट पर भी स्थानीय लोगों ने छठ पर्व पर डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य देकर अपने पुत्र की दीर्घायु और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। दोपहर बाद व्रती महिलाएं अपने परिवार संग घाटों पर प्रस्थान करने लगीं थीं, परिजन सिर पर सूप व हाथों में गन्ना लिए व्रती महिलाओं संग घाटों पर पहुंच रहे थे।
घाट पर पहुँचकर उनके द्वारा बनाए गए वेदी पर सूप रख कर छठ माता का घ्यान लगाया गया। सूर्य अस्त होने से पूर्व व्रती महिलाओं ने तालाब में स्नान कर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और फिर अपने वेदी स्थल पहुँच कर अपने अपने सूप पर घी के दीपक जलाकर छठ मईया का ध्यान लगा अपनी मन्नतें मांगी। गौरतलब है कि कल खरना का प्रसाद चढ़ा और उसे खाकर व्रती महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया था।
इसी क्रम में तीसरे दिन सोमवार शाम को महिलाओं ने छठ घाट पहुंचकर डूबते हुए सूरज को पहला अर्घ्य दिया एवं कल सुबह उगते हुए सूरज को अर्ध्य देकर व्रती महिलायें अपना व्रत समाप्त करेंगी।
इस पवित्र पर्व को देखने हेतु स्थानीय लोगों का काफी हुजूम छट घाटों पर उमड़ा दिखा। मोरवा पुलिस बल, नगर निगम अमला घाटों पर लोगों को समझाइश देने में जुटी रही।
जब पार्षदों ने खुद थामा मोर्चा
घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालु और व्रतियों के लिए सुगम एवं सुरक्षित पूजा स्थल के निर्माण में दिन-रात लगे नगर निगम अधिकारी, कर्मचारी समेत स्थानीय पार्षदों ने काफी मेहनत की। अंतिम क्षण तक सभी घाटों की सफाई में जुटे रहे।
दोपहर बाद वार्ड 9 पार्षद शेखर सिंह स्वयं घाट पर झाड़ू लगाते रहे। वहीं वार्ड 8 पार्षद पति आशीष गुप्ता एवं वार्ड क्रमांक 4 पार्षद परमेश्वर पटेल साफ सफाई की व्यवस्था समेत बहते जल को शुद्ध कराने में जुटे रहे। इसी क्रम में छठ पूजा सेवा समिति के लोग एवं समाजसेवी अमित तिवारी, राजेश सिंह, संतोष (बाबू) आदि भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे दिखे।
चाक-चौबंद दिखी सुरक्षा व्यवस्था
क्षेत्र के सभी छठ घाटों पर एसडीओपी गौरव पाण्डेय एवं मोरवा निगर निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में मोरवा पुलिस बल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में जुटी रही। वहीं पुलिस के आला अधिकारी सभी घाटों पर जाकर जायजा लेते रहे। पूजा स्थल जाने के लिए सभी जगह पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। इसके अलावा छठ पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कोल वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई थी।













