सीधी

सीधी सिहावल नशे में बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी, पैसा,सेहत और प्रतिष्ठा लगा रहे दांव पर…

सीधी सिहावल नशे में बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी, पैसा,सेहत और प्रतिष्ठा लगा रहे दांव पर…

नयी पीढ़ी के युवा तेजी से नशे की लत का शिकार हो रहे हैं. नशाखोरी का शिकार हो चुके युवा अपने साथ ही अपने परिवार के लिए भी मुसीबत बन रहे हैं…

सीधी सिहावल
नयी पीढ़ी के युवा तेजी से नशे की लत का शिकार हो रहे हैं. नशाखोरी का शिकार हो चुके युवा अपने साथ ही अपने परिवार के लिए भी मुसीबत बन रहे हैं. नशे की लत में पड़कर अपनी सेहत, शोहरत, पैसा और प्रतिष्ठा तक दांव पर लगाने को तैयार हैं. नशे की लत का शिकार होने वाले सर्वाधिक युवा हैं, जिनकी उम्र 15-18-25 साल है. कई युवाओं की इन बुरी आदतों के चलते उनका परिवार बर्बादी की कगार पर आ गयी है. सीधी जिले सिहावल क्षेत्र में धड़ल्ले से मेडिकल नशा, शराब, और गांजा कोरेक्स का कारोबार हो रहा है. नशा के आदी युवा अब सड़कों पर छिनतई, लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. छिनतई और चोरी मामले में पकड़े गये कई आरोपियों ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया है कि अपने नशे की पूर्ति खरीदने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं.

कई प्रदेशों से सटा हुआ जिला

सीधी जिला कई प्रदेशों से सटा हुआ जिला है जिसकी वजह से बड़े ही आसानी से नशे की सामग्री जिले से लेकर गांव तक पहुंच जाती है पुलिस के नाक के नीचे नशे के व्यापारी पूरा खेल खेल लेते हैं कुछ तो पकड़े जाते हैं और कुछ चोरी छुपे निकल जाते हैं इस नेटवर्क में बड़े से बड़े लोग शामिल है जो कुछ चुनिंदा पैसों के लिए युवाओं के भविष्य के साथ कर रहे हैं खिलवाड़…

 

उत्तर प्रदेश से सटा हुआ सिहावल

उत्तर प्रदेश से सटा हुआ सिहावल होने की वजह से बड़े ही आसानी से सिहावल में नशे की सामग्री आ रही है और गांव तक पहुंच जाती है इस व्यापार में ज्यादा कर युवाओं की भागीदारी देखी जा रही है पुलिस तो अपने सूत्र लगती है परंतु चार कदम आगे निकल जाते हैं यह नशे का व्यापार करने वाले समय रहते अगर लगाम नहीं लगाई गई तो हर घर में एक युवा नशे का आदि मिलेगा और नशे की पूर्ति के लिए पैसे ना मिलने पर अपराध करेगा ऐसा हो भी रहा है।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट आप भी जानिए.
मनोरोग विशेषज्ञ का कहना है कि अवसाद को पहचानना बेहद आवश्यक है. इस दौरान आदमी डिप्रेशन का शिकार हो जाता है, आत्महत्या या फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आमदा हो जाता है. अवसाद के दौरान शारीरिक दुर्बलता, एकाग्र न होना, यादाश्त में कमी आना, मन उदास रहना, कार्य के प्रति इच्छा नहीं रहना अपने जीवन को मूल्यहीन समझाना जैसी बातें दिखाई देती है. यदि परिवार के सदस्यों में ऐसे लक्ष्ण देखें तो सबसे पहले यह पता लगाएं कि उस व्यक्ति को नशे की आदत तो नहीं है. इसके बाद भी अगर समझ न आए तो विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें…

 

रीवा आईजी ने उठाया नशे के विरुद्ध अभियान

हाल ही में रीवा आईजी के द्वारा रीवा में एक बड़ी बैठक पुलिस कर्मियों के साथ की गई थी जिसमें की रीवा जिले में नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सीधी जिले में भी किसी ने किसी थाना क्षेत्र में नशे के कारोबारी पर कार्रवाई होती नजर आती है सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर में कारवाई होने के बावजूद भी इस पर विराम क्यों नहीं लग रहा है क्योंकि यह बड़े आसानी से छूट जाते हैं और पुनः इस व्यवसाय पर सम्मिलित हो जाते हैं कड़ी से कड़ी सजा होने पर शायद हो सकता है इसमें विराम लग जाए।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

पोल खोल पोस्ट

सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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