भागवत प्रसंग में मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव,कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण का जन्म एवं उसके हेतु का आया प्रसंग…

भागवत प्रसंग में मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव,कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण का जन्म एवं उसके हेतु का आया प्रसंग…
संजय सिंह सीधी मझौली
भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करने एवं आतताई,असुरों के अत्याचार को समाप्त करने के लिए इस धरती पर भगवान विविध अवतारों के रूप में आते हैं और अपनी नर लीला दिखाकर समाज को कई प्रेरणा देते हैं उसी के तहत देवकी के गर्भ से कारागार में भगवान कृष्ण का जन्म विलक्षण एवं अद्वितीय लीला के साथ हुआ।उक्त प्रसंग जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम ताला में रामचंद्र निर्मला तिवारी के आवास पर उनकी माता बेटीबाई पति स्व कौशल प्रसाद तिवारी के मरणोपरांत वार्षिक स्मृति में आयोजित भागवत कथा पुराण यज्ञ के चौथे दिन व्यास पीठ से कथा प्रवक्ता कुलगुरु के बाबा स्व राम सरण शास्त्री के आशीर्वाद से एवं गुरु रमाकांत मिश्रा(महराज) के सानिध्य में उनके पुत्र आचार्य पवन भाई मिश्रा श्री धाम वृंदावन व तपोधम चित्रकूट के द्वारा भागवत प्रसंग में बताया गया।

कथा में भगवान कृष्ण के जन्म का प्रसंग एवं उनके जन्म का कारण जिस हेतु मानव देह धारण कर मानव समाज में रहकर बचपन से ही उन्होंने कई बाल लीलाएं करते हुए कंस के द्वारा उन्हें मारने के लिए भेजे गए कई असुरों का उन्होंने संहार कर दिया वही।उन्हीं के कृपा से कारागार के सभी कपाट खुल गए और रातों-रात वसुदेव जी भगवान कृष्ण को लेकर मथुरा में चले गए जहां से यशोदा के गर्भ से कन्या के रूप में जन्मी योग माया को लेकर आ गए। कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया।

भगवान कृष्ण के जन्म की दिखाई गई सजीव झांकी
व्यासपीठ में भगवान कृष्ण जन्म के प्रसंग में उसे जीवंत करने के लिए भगवान कृष्ण की सजीव झांकी दिखाई गई जिसमें वह बाल रूप में पालना में खेल रहे हैं जिनका जन्मोत्सव मनाया गया जहां पंडाल में बैठे श्रद्धालु भजन कीर्तन के साथ भक्ति में डूब कर नाचने गाने लगे।संगीत मंडली में आर्गन में नंदकिशोर,हारमोनियम में महेश गौतम,तबला में राम जी एवं पैड में संतोष अपने प्रस्तुति देते हैं। कथा का शुभारंभ आज 4 नवंबर मंगलवार से हुआ है जिसका समापन 10 नवंबर 2025 एवं हवन एवं भंडारा का कार्यक्रम 11 नवंबर को निर्धारित किया गया है। कथा प्रवचन का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम तक नित्य जारी रहेगा।कथा के चौथे दिन प्रमुख रूप राज मणि द्विवेदी बम्हनी इस मित्रों के साथ,रावेंद्र तिवारी,सुधीर तिवारी शिक्षक,देवेश द्विवेदी शिक्षक, बद्री प्रसाद बैश,संतोष बैश, अतुल तिवारी,शिव प्रसाद बैश पूर्व उपसरपंच ताला आदि उपस्थित रहे।













