मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के पोषण पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर राज्य सरकार पर शिक्षा और बच्चों के पोषण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते सात वर्षों में प्रदेश में 56 लाख बच्चे स्कूल शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो गए हैं, जबकि स्कूल शिक्षा का बजट 7,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश में 50 लाख से अधिक बच्चों ने फल तक का नाम नहीं सुना, जो सरकारी दावों की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील केवल कागजों में है और बच्चों को पर्याप्त भोजन, किताबें और शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। सरकार बच्चों के पोषण पर प्रतिदिन 12 रुपये खर्च दिखाती है, जबकि गायों के चारे पर 40 रुपये प्रतिदिन खर्च का प्रावधान है।
उन्होंने यह भी कहा कि 14 हजार से अधिक स्कूलों में केवल एक शिक्षक हैं, 10,000 से अधिक स्कूल बिना प्रिंसिपल चल रहे हैं और 25 प्रतिशत स्कूलों में विज्ञान व गणित के शिक्षक नहीं हैं। इसके बावजूद सरकार बड़े बजट का दावा कर रही है।
पटवारी ने सवाल उठाया कि 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आखिर कहां गया और मिड-डे मील, टेंडर व आउटसोर्सिंग में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के 56 लाख बच्चों के भविष्य का मामला है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद जनता को जवाब देना चाहिए।













