पीएम सूर्य घर योजना में गुजरात बना देश का सिरमौर, 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

अहमदाबाद। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात ने एक बार फिर अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में अब तक 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 1,879 मेगावाट तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि गुजरात को देश के उन राज्यों की कतार में सबसे आगे खड़ा करती है, जो स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को जमीनी स्तर पर तेजी से अपना रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अब तक 11 लाख से अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर चुका है, जो किसी भी राज्य में सबसे अधिक है। मार्च 2027 तक 10 लाख आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसका करीब 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य पहले ही पूरा कर चुका है। अब तक आवासीय उपभोक्ताओं को लगभग 3,778 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे आम लोगों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना आसान और किफायती बना है।
सरकार ने उपभोक्ताओं के हित में कई सहूलियतें दी हैं। छह किलोवाट तक के सिस्टम पर नेटवर्क शुल्क माफ किया गया है और नेट मीटरिंग जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली उत्पादन कर अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं।
सब्सिडी व्यवस्था के तहत दो किलोवाट तक 30 हजार रुपये प्रति किलोवाट, दो से तीन किलोवाट पर 18 हजार रुपये प्रति किलोवाट और तीन किलोवाट से अधिक पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का यह मॉडल देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूत करेगा। पांच लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि ऊर्जा क्रांति की दिशा में गुजरात की मजबूत पहल का प्रतीक है।













