भदौरा स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन, इंटरसिटी स्टॉपेज समेत कई मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल अंतर्गत कटनी–सिंगरौली रेलखंड पर स्थित भदौरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार 28 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे से रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया। हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जबलपुर इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज और शकरपुरा–भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा देने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल यातायात बाधित कर दिया।
आंदोलन की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। अधिकारी आंदोलनकारियों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग बने हुए हैं।
समाजसेवी आनंद सिंह (ददुआ) के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने एक मालगाड़ी को रोक दिया और कई लोग रेलवे पटरी पर बैठ गए, जबकि कुछ ने लेटकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की पदस्थापना और यात्री ट्रेनों की बहाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन उनकी लगातार अनदेखी कर रहा है।
रेल संघर्ष समिति के अनुसार कोरोना काल में बंद की गई चार पैसेंजर ट्रेनें अब तक शुरू नहीं की गई हैं, जिससे मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा और अन्य शहरों तक आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आंदोलन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से इसे सर्वदलीय समर्थन मिला है। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आंदोलन और मजबूत होता नजर आ रहा है।













