सिंगरौली रेडक्रॉस की पहल से मुस्कुराई दिल कुमारी, व्हीलचेयर पाकर लौटी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

सिंगरौली। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, सिंगरौली द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में 8 वर्षीय बालिका दिल कुमारी के लिए आज मानवता और संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया। ग्राम मुड़वनिया की रहने वाली बच्ची जन्म से ही पैर से दिव्यांग है और चलने-फिरने में असमर्थ थी।
केंद्र के प्रोस्थेटिक एवं ऑर्थोटिक (पी एंड ओ) विभाग के विशेषज्ञों ने बच्ची का परीक्षण किया और बताया कि यह सीटीईवी (ष्टञ्जश्वङ्क) का मामला है। उचित सर्जिकल उपचार के पश्चात बच्ची के चलने की पूरी संभावना है।
जिला कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सह-अध्यक्ष गौरव बैनल, रेडक्रॉस सोसायटी चेयरमैन एस.डी. सिंह और सचिव डॉ. ओ.पी. राय के मार्गदर्शन में बच्ची को तत्काल व्हीलचेयर प्रदान की गई। इसके अलावा उसे गरम कपड़े, स्कूल बस्ता और पानी की बोतल भी भेंट की गई।
व्हीलचेयर प्राप्त करते ही बालिका के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास झलकने लगा। उसने स्वयं व्हीलचेयर चलाकर यह संदेश दिया कि सही सहयोग और संवेदनशील मदद से दिव्यांगता भी आत्मनिर्भरता की राह में बाधा नहीं बन सकती।इस अवसर पर उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग अरविंद डामोर और समग्र विस्तार अधिकारी दीपक सोनी उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी के सहयोग से बच्ची तक यह सहायता पहुंचाई गई।सिंगरौली रेडक्रॉस की यह पहल न केवल दिल कुमारी के जीवन में सुविधा और उम्मीद लेकर आई है, बल्कि समाज को यह संदेश देती है कि सामूहिक प्रयास, संवेदनशील प्रशासन और सेवा भाव से किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।













