नेताजी जयंती पर ममता बनर्जी की केंद्र से मांग, सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक हों

कोलकाता।नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से केंद्रीय अभिलेखागार में मौजूद नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी के गायब होने का रहस्य आज तक सुलझ नहीं सका है, जो देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि वर्ष 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, यह अब भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बहुत पहले ही राज्य के अभिलेखागार में उपलब्ध नेताजी से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक कर दी थीं और अब केंद्र सरकार को भी यही कदम उठाना चाहिए।
सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि उनके सांप्रदायिक एकता और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को अपनाने में है। उन्होंने कहा कि नेताजी मानते थे कि भारत केवल किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों, जातियों, भाषाओं और वर्गों के लोगों का देश है।
ममता बनर्जी ने कहा कि आज़ाद हिंद फौज धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे की जीवंत मिसाल थी, जहां हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पुरुष-महिला, अमीर-गरीब और हर वर्ग के लोग एक साथ देश की आज़ादी के लिए लड़े।
एकता और सद्भाव का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि देश वास्तव में नेताजी का सम्मान करना चाहता है, तो सभी को जाति, धर्म और लिंग से ऊपर उठकर एकता, भाईचारे और सद्भाव के उनके आदर्शों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सब भारतीय हैं और यही हमारी पहचान है।”
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए एक भावना हैं। उन्होंने नेताजी को नमन करते हुए कहा कि लोग उन्हें कभी नहीं भूले हैं और कभी नहीं भूलेंगे।













