मध्य प्रदेशसिंगरौली

मां से अलग रखी गईं तीन नाबालिग बेटियां, बाल कल्याण समिति में पहुंचा मामला

सिंगरौली। चितरंगी क्षेत्र से सामने आया एक संवेदनशील मामला बाल अधिकारों और मातृत्व के प्रश्न पर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी तीनों नाबालिग पुत्रियों को उससे अलग कर जबरन अपने कब्जे में रखा गया है और उसे बच्चों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा।
पीड़िता जया कुमारी मौर्य ने जिला बाल कल्याण समिति को दिए आवेदन में बताया कि उसकी पुत्रियां दिव्या, श्रुतिका और रितिका को उनके पिता और दादी अपने पास रखे हुए हैं। महिला का आरोप है कि यह सब उसकी इच्छा के विरुद्ध किया जा रहा है।

मिलने से रोका, प्रताड़ना के आरोप
महिला ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि बच्चों को मानसिक दबाव में रखा जा रहा है और माता से संपर्क करने पर उन्हें परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती है। पीड़िता ने इसे किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत दंडनीय बताया है तथा बाल संरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया है।

समिति से सख्त कार्रवाई की मांग
महिला ने बाल कल्याण समिति से मामले की तत्काल एवं गोपनीय जांच कराने, बच्चों से मिलने और संवाद का अधिकार दिलाने की मांग की है। साथ ही यदि बच्चों के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना सामने आती है तो दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई करने और बच्चों के हित में अंतरिम संरक्षण या अभिरक्षा संबंधी आदेश जारी करने की मांग की गई है।

बच्चों के हित को प्राथमिकता
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अभिरक्षा विवाद में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक हित को सर्वोपरि माना जाता है। अब इस मामले में समिति की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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