माघ मेले को लेकर विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सीएम योगी के बीच बयानबाजी तेज
शंकराचार्य की परिभाषा और सुरक्षा को लेकर साधु-संत और सरकार आमने-सामने

वाराणसी। माघ मेले में स्नान के लिए रोके जाने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। अब स्वामी ने शंकराचार्य को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य वही होता है जो सनातन धर्म और सत्य के मार्ग पर चलता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या केवल वही व्यक्ति शंकराचार्य माना जाएगा जिसे सरकार या मुख्यमंत्री प्रमाणित करें। उन्होंने इसे धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप बताया।
योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी ने कहा कि धर्म में राजनीति का हस्तक्षेप चिंताजनक है और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए।
सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्वामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए सरकार से नहीं बल्कि सनातन धर्म और भगवान पर भरोसा है।
विवाद के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन और संत समाज के बीच जारी इस बयानबाजी से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।













