कांग्रेस में बयानबाजी पर सियासी घमासान, जदयू और भाजपा का हमला

नई दिल्ली। जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पार्टी आंतरिक संकट से गुजर रही है और राहुल गांधी को लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस को बचाने के प्रयास करने चाहिए। यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया विवादित बयानों के बाद सामने आई है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अय्यर क्या करेंगे, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन उनके हालिया बयानों से साफ है कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। उन्होंने कहा कि अय्यर ने कई बातें कही हैं, पर हर बयान पर टिप्पणी करने के बजाय जदयू का मानना है कि राहुल गांधी को किसी न किसी रूप में लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस को बचाने की कोशिश करनी चाहिए।
राजीव रंजन प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं का विश्वास हासिल करने में सफल नहीं रहे और पार्टी से बड़े नेताओं का लगातार बाहर जाना जारी है।
इस विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा, “देर आए दुरुस्त आए।” उन्होंने कहा कि अय्यर पहले भी ‘चायवाले’ को लेकर विवादित टिप्पणी कर चुके हैं। अब वे कांग्रेस नेता को कठपुतली बता रहे हैं, जबकि असली कठपुतली उनका अपना नेता है और उन्होंने सिर्फ किसी और का नाम ले लिया है।
दरअसल, यह राजनीतिक घमासान उस समय तेज हो गया जब मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी के कई नेताओं की आलोचना की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने केरल के आगामी चुनाव समेत कई मुद्दों पर नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ नेताओं पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
अय्यर ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को ‘बिना सिद्धांत का अवसरवादी’ बताया। वहीं पार्टी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल को ‘राउडी’ कहा और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को ‘टैटू’ करार दिया।
अय्यर की इन टिप्पणियों के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर अंदरूनी गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरियों का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक हलकों में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी













