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‘रोबोडॉग’ पर बवाल: AI समिट में मेटल के कुत्ते ने छेड़ी नई बहस

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की तेज रफ्तार दुनिया में इन दिनों ‘रोबोडॉग’ चर्चा का केंद्र बना हुआ है। India AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार को लेकर बहस तेज हो गई।

Galgotias University ने अपने स्टॉल पर ‘Orion’ नाम से एक रोबोडॉग पेश किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इसे विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित बताया गया। हालांकि तकनीकी जानकारों ने इसे चीनी कंपनी Unitree Robotics के Go2 मॉडल के रूप में पहचाना, जो बाजार में 2–3 लाख रुपये में उपलब्ध है। विवाद बढ़ने पर विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि इसे केवल डेमो और रिसर्च उद्देश्य से रखा गया था। बाद में स्टॉल खाली करने के निर्देश दिए गए।

क्या है रोबोडॉग?

रोबोडॉग एक क्वाड्रुपेड यानी चार पैरों वाला रोबोट होता है, जो सेंसर, कैमरा और AI एल्गोरिद्म की मदद से चलता है। यह सीढ़ियां चढ़ सकता है, असमतल जमीन पर संतुलन बना सकता है और कठिन इलाकों में नेविगेट कर सकता है।

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रोबोडॉग तकनीक का विकास 1990 के दशक में Sony के AIBO से लोकप्रिय हुआ, जबकि Boston Dynamics के Spot जैसे मॉडल औद्योगिक और सैन्य उपयोग में आगे बढ़े। आज इनका उपयोग आपदा प्रबंधन, प्लांट निरीक्षण, सुरक्षा निगरानी और रिसर्च में हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद भले ही असहज रहा हो, लेकिन इससे रोबोटिक्स तकनीक आम लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बनी है।

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