हर माह साढ़े सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप वाली आबकारी अधिकारी सस्पेंड

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। शासन ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है।जानकारी के अनुसार 8 नवंबर को ठेकेदार दिनेश मकवाना ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। इसके पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया था, जिसमें आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित पर अवैध राशि की मांग और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मृतक ठेकेदार दिनेश मकवाना की देवास जिले में शराब की पांच दुकानें थीं। उनके परिजनों ने 29 नवंबर को कनाड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।इस पूरे मामले में आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी अपनी ओर से आरोप लगाए हैं। उन्होंने देवास पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कहा है कि ठेकेदार के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं और दो करोड़ रुपये में मामला सेटल करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने इससे संबंधित कुछ कथित वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं।
सरकारी आदेश में बताया गया है कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से यह जानकारी सामने आई कि आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रथम दृष्टया यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन पाए जाने के कारण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि के दौरान मंदाकिनी दीक्षित का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।













