नागपुर में विस्फोट: बारूद-डिटोनेटर कंपनी में धमाका, 15 की मौत, 18 घायल
काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल फैक्ट्री में सुबह करीब 7 बजे जोरदार विस्फोट; राहत–बचाव जारी

नागपुर (महाराष्ट्र)। रविवार 1 मार्च की सुबह नागपुर जिले के काटोल तहसील के राउलगांव में स्थित विस्फोटक सामग्री तैयार करने वाली एसबीएल कंपनी में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 15 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना जोरदार था कि उसकी आवाज आसपास के गांवों तक सुनाई दी।
धमाका और राहत–बचाव
घटना सुबह करीब 7 बजे हुई। कंपनी परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसके बाद आग भड़की। सूचना पाकर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने पुष्टि की है कि 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में कुछ मजदूरों के शव फैक्ट्री के मलबे में दबे भी पाए गए।
वजह तलाशने लगी जांच एजेंसियां
प्रशासन ने पूरे विस्फोटक सामग्री फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या मानवीय लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक आग लगाने वाला सटीक कारण पता नहीं चल पाया है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या विस्फोटक निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप की भी जांच की जा रही है।
पसरा मातम, मलाल और समस्या
विस्फोट के बाद अफरा–तफरी मच गई। आसपास के गांवों के लोग भी राहत कार्य में जुटे दिखाई दिए। प्रशासन और पुलिस कर्मी लगातार छानबीन कर रहे हैं कि विस्फोट के समय फैक्ट्री में कितने लोग मौजूद थे और क्या किसी को अभी तक लापता बताया गया है।
घटना ने स्थानीय लोगों में भारी चिंता पैदा कर दी है, और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं मदद पहुंचाने की तैयारियां प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई हैं। राष्ट्रीय और राज्य स्तर से भी अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सबकी नज़रें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि यह हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था या कोई तकनीकी चूक इसके लिए जिम्मेदार रही – इसका खुलासा शीघ्र ही होने की उम्मीद जताई जा रही है।













