सिंगरौली में डीआईजी की समीक्षा बैठक; अनसुलझे अपराध, गुमशुदगी और डिजिटल पुलिसिंग पर फोकस

सिंगरौली: सिंगरौली में बुधवार को पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित रुस्मतजी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता हेमंत चौहान (उप पुलिस महानिरीक्षक, रीवा रेंज) ने की।बैठक में मनीष खत्री (पुलिस अधीक्षक), सर्वप्रिय सिन्हा, उमेश कुमार प्रजापति, गौरव पांडे, गायत्री तिवारी और राहुल सैयाम सहित जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।

लंबित मामलों पर सख्ती, गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन मामलों में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उनमें तत्काल कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही साक्ष्य संकलन पूरा कर जल्द से जल्द चालानी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
अनसुलझे और संपत्ति संबंधी अपराधों के लिए बनेगी विशेष टीम
डीआईजी ने अनसुलझे अपराधों और संपत्ति से जुड़े मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। इन मामलों की निगरानी संबंधित एसडीओपी द्वारा की जाएगी, ताकि समयबद्ध तरीके से सभी लंबित प्रकरणों का समाधान हो सके।
गुमशुदा नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता जरूरी
लंबित गुमशुदा नाबालिगों के मामलों में पुलिस मुख्यालय की एसओपी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर बच्चों की जल्द से जल्द दस्तयाबी सुनिश्चित की जाए और संवेदनशीलता के साथ जांच की जाए।
एक माह का विशेष अभियान, मर्ग और चालान मामलों का होगा निराकरण
बैठक में लंबित मर्ग, चालान और गुमशुदगी से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। चिन्हित प्रकरणों में आरोपियों की सजा सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया गया।
डिजिटल पुलिसिंग पर जोर, ई-टूल्स का अधिकतम उपयोग
डीआईजी ने सीसीटीएनएस, आईसीजेएस, ई-साक्ष्य, ई-रक्षक, ई-समंस/वारंट और ई-विवेचना जैसे डिजिटल टूल्स का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-एफआईआर और जीरो-एफआईआर से जुड़े मामलों का समयसीमा में निराकरण करने को कहा गया।
जनसहभागिता और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी फोकस
बैठक में ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों को सक्रिय करने, जन-चौपाल आयोजित कर आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करने और व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए भ्रामक खबरों का तुरंत खंडन करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अच्छे कार्य पर मिलेगा प्रोत्साहन
डीआईजी ने बेहतर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के पुरस्कार प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि उनका मनोबल बढ़ाया जा सके। साथ ही निगरानी बदमाशों और गुंडा फाइलों में विस्तृत टिप्पणियां दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।













